सिक्कों की दीर्घा

सिक्कों की दीर्घा

यह सिक्के भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न क्षत्रों के हैं और लगभग चौथी से पाँचवी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर वर्तमान समय तक के हैं। दीर्घा में कुछ मूल सिक्कों और प्रतिकृतियों को प्रदर्शित किया गया हैं, जिनमें सबसे प्राचीन बिना उत्कीर्णन के स्वदेशी सिक्के (लगभग पाँचवी शताब्दी ईसा पूर्व से दूसरी शताब्दी ई.पू.)  से लेकर
भारतीय गणराज्य के सिक्कों को 20  शोकेसों में रखा गया है।

दीर्घा में देखें

संग्रहालय का संग्रह

संग्रहालय के बारे में

1814 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल (वर्तमान में 1 पार्क स्ट्रीट पर स्थित एशियाटिक सोसाइटी की इमारत) द्वारा स्थापित भारतीय संग्रहालय सबसे पहला और केवल भारतीय उपमहाद्वीप में ही नहीं बल्कि विश्व के एशिया प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुप्रयोजन संग्रहालय है।

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