गांधार दीर्घा

गांधार दीर्घा

इस दीर्घा में भगवान बुद्ध के जीवन की कहानी दर्शाती मूर्तियाँ और उनकी छवियों को दर्शाया गया हैं। दीर्घा में गांधार कला विद्यालय की शैली में बने बोड्डिसत्त्व और मैत्रेय को भी प्रदर्शित किया गया है। यह कला शैली दूसरी शताब्दी ईस्वी में पनपी और इसमें ग्रीको-रोमन संस्कृति का प्रभाव नज़र आता है। यह कलाकृतियाँ अफगानिस्तान क्षेत्र में मर्दन और लोरियन तांगइ जैसी जगहों से खुदाई से प्राप्त की गई थीं।

दीर्घा में देखें

संग्रहालय का संग्रह

संग्रहालय के बारे में

1814 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल (वर्तमान में 1 पार्क स्ट्रीट पर स्थित एशियाटिक सोसाइटी की इमारत) द्वारा स्थापित भारतीय संग्रहालय सबसे पहला और केवल भारतीय उपमहाद्वीप में ही नहीं बल्कि विश्व के एशिया प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुप्रयोजन संग्रहालय है।

हमारे साथ जुड़ें

Visits

212954