चित्रकला दीर्घा

चित्रकला दीर्घा

चित्रकला दीर्घा के 2 प्रमुख खंड है, भारतीय लघुचित्र और बंगाल कला विद्यालय। दीर्घा में प्रदर्शित वस्तुएं कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित हैं।

भारतीय लघुचित्र: इस खंड में फारसी, मुगल, प्रांतीय मुगल, डेक्कन, राजस्थानी, पहाड़ी कला विद्यालयों से लेकर कंपनी स्कूल ऑफ पेंटिंग के लघु चित्रों का व्यापक संग्रह है।

बंगाल कला विद्यालय: इस खंड में उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी की उत्कृष्ट कृतियाँ शामिल हैं। यहाँ पर नियो-बंगाल स्कूल ऑफ पेंटिंग के चित्रकार – रवींद्रनाथ टैगोर, गगनेंद्रनाथ टैगोर, रवींद्रनाथ टैगोर, नंदलाल बोस, सुनयनी देवी, असित हलदर, ईश्वरी प्रसाद, अब्दुर रहमान चुगताई और जैमिनी की कला-कृतियों का संग्रह है। यह सभी चित्र वॉटर-कलर से बनाए गए हैं। इनके अलावा, पट्ट-चित्र, कुछ शिलामुद्रण और 20 वीं शताब्दी के बंगाल की कुछ ऑइल-पेंटिंग भी यहाँ प्रदर्शित हैं।

दीर्घा में देखें

संग्रहालय का संग्रह

संग्रहालय के बारे में

1814 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल (वर्तमान में 1 पार्क स्ट्रीट पर स्थित एशियाटिक सोसाइटी की इमारत) द्वारा स्थापित भारतीय संग्रहालय सबसे पहला और केवल भारतीय उपमहाद्वीप में ही नहीं बल्कि विश्व के एशिया प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुप्रयोजन संग्रहालय है।

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